
भारत की इंश्योरेंस इंडस्ट्री का आकार करीब ₹9 लाख करोड़ है।हर साल लाखों लोग सुरक्षा के लिए पॉलिसी खरीदते हैं, लेकिन फ्रॉड, मिस-सेलिंग और फेक एजेंट्स की वजह से हज़ारों करोड़ रुपये का नुकसान झेलते हैं।ये पोस्ट बताएगा कि ये “खेल” कैसे चलता है और इससे बचाव कैसे किया जाए।—💼 इंश्योरेंस बिज़नेस का मॉडलइंश्योरेंस का सिद्धांत सरल है:> “भारत की इंश्योरेंस इंडस्ट्री में इंश्योरेंस बिज़नेस फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं…”कई लोगों का प्रीमियम इकट्ठा होता है ताकि कुछ लोगों के नुकसान की भरपाई हो सके।”लेकिन इसी बीच आते हैं एजेंट, ब्रोकर्स और TPA (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) —जहाँ से असली गड़बड़ी शुरू होती है।स्तर असली काम फ्रॉड के मौकेएजेंट / डीलर पॉलिसी बेचना गलत वादा, नकली पॉलिसीइंश्योरेंस कंपनी क्लेम प्रोसेस करना छोटी वजहों से रिजेक्शनहॉस्पिटल / गैरेज रिपेयर / इलाज बिल बढ़ाना या गलत चार्ज—⚠️ आम फ्रॉड और बिज़नेस ट्रिक्स1. मिस-सेलिंग: निवेश के नाम पर इंश्योरेंस बेचना।2. फेक एजेंट: बिना IRDAI लाइसेंस के नकली पॉलिसी देना।3. क्लेम गेम: छोटी तकनीकी वजह से क्लेम रिजेक्ट करना।4. कैश डील: बिना रसीद के नकद में भुगतान लेना।> IRDAI के अनुसार हर साल 30,000+ शिकायतें इंश्योरेंस फ्रॉड से जुड़ी होती हैं।—ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए सही जानकारी और वित्तीय जागरूकता ज़रूरी है।”📊 फाइनेंस ऐंगल से समझोकंपनियाँ “loss ratio” कम रखती हैं ताकि प्रॉफिट और बोनस बढ़े।एजेंट को पहले साल में 30–40% कमीशन मिलता है, इसलिए वो जल्दी बेचते हैं, सही सलाह नहीं देते।क्लेम रिजेक्शन = कंपनी का लाभ, ग्राहक का घाटा।—✅ अपने पैसों की सुरक्षा कैसे करें1. एजेंट का IRDAI ARN नंबर ज़रूर चेक करें।2. पॉलिसी सिर्फ़ कंपनी की वेबसाइट या ऐप से खरीदें।3. पेमेंट बैंक ट्रांसफर या चेक से करें।4. पॉलिसी मिलने के बाद 15 दिन के Free Look Period में verify करें।5. क्लेम रिजेक्शन पर Insurance Ombudsman या IRDAI Complaint Portal में शिकायत करें।—🔒 निष्कर्षइंश्योरेंस एक रिस्क मैनेजमेंट टूल है, निवेश नहीं।जानकारी ही सबसे बड़ा बीमा है —सही एजेंट, सही डॉक्युमेंट और सही जागरूकता से ही आप अपने पैसों और बिज़नेस दोनों की सुरक्षा कर सकते हैं।

अगर आप एक छोटे व्यवसायी हैं, तो अपने कर्मचारियों के लिए सही पॉलिसी लेना आपकी जिम्मेदारी भी है — यह सिर्फ़ खर्च नहीं, एक वित्तीय निवेश है।क्योंकि सही इंश्योरेंस न केवल नुकसान कम करता है, बल्कि क्रेडिट स्कोर, बिज़नेस ट्रस्ट और वित्तीय स्थिरता भी बढ़ाता है।बीमा में समझदारी, मुनाफे से ज्यादा सुरक्षा और भरोसे की निशानी है।आज जागरूक बनो, ताकि कल कोई एजेंट या कंपनी तुम्हारे सपनों का बीमा न बेच दे — बल्कि तुम खुद अपने फैसले के मालिक बनो।

“आज के डिजिटल युग में इंश्योरेंस फ्रॉड के नए तरीके सामने आ रहे हैं।इसलिए बिज़नेस मालिकों और आम लोगों को अपनी पॉलिसी की हर डिटेल खुद पढ़नी चाहिए।अगर किसी एजेंट या कंपनी पर शक हो, तो तुरंत IRDAI की वेबसाइट पर शिकायत करें।याद रखें, सही जानकारी ही सबसे बड़ा बीमा है।”
Thank you so much sir for your guidance
Impressive guidance ⚜️☺️